आज का चिंतन #269

कॉल बैक…


आज का चिंतन #269

कॉल बैक…

कई बार हम कॉल अटेंड नहीं कर पाते या हमसे कॉल मिस हो जाता है तो पहली फुर्सत में कॉल बैक करना एक सामान्य शिष्टाचार तो है ही और साथ ही साथ यह संवाद की निरंतरता को बनाए रखने के लिए भी अनिवार्य होता है।

विश्वसनीयता
फोन हमारे लिए है, हम फोन के लिए नहीं है और इसीलिए यह अपेक्षा कभी नहीं होती कि
हर समय हर एक का कॉल अटेंड हो ही जाएगा किंतु कॉल बैक कर लेने की आदत से आपकी विश्वसनीयता न केवल बनी रहती है बल्कि बढ़ती जाती है।

समाधान
अधिकतर फोन कोई जानकारी देने, लेने के लिए या कुछ पूछने के लिए या सहायता इत्यादि के लिए किया जाता है और इसीलिए कॉल बैक करने से समाधान की दिशा मिलती है।
कॉल बैक नहीं करने से व्यक्ति समाधान से वंचित हो जाता है।

क्या करें…
कोई हमें कॉल बैक करे या ना करे, इस बात पर ध्यान न देते हुए, हमारी ओर से 100% कॉल बैक होगा, यह सुनिश्चित करना, न केवल हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होती है, अपितु आज के समय की आवश्यकता और प्राथमिकता भी है।

संजय अग्रवाल
9406717823
संपर्क संवाद सृजन समाधान
बुधवार 23 अप्रैल 2025
नागपुर

One response to “आज का चिंतन #269”

  1. Rashtrapal Bagde Avatar
    Rashtrapal Bagde

    आपकी बात काफी हद तक ठीक है और यह मेरी आदत में भी शामिल था ,लेकिन सर इसमें एक समस्या है, वो है इन दिनों लगातार दिनभर सेल्स, प्रोमोशंस आदि के कॉल आते । कई बार इनकी हमे आवश्यकता ही नहीं होती और वो लोग सिर्फ दूसरों का समय बर्बाद करते है । इस कारण आम लोग परेशान होते है ।

    सर इन दिनों सोशल मीडिया तथा कॉल के ज़रिए कई लोंगो के खाते से पैसा निकला जाता है, जिसके डर से या बतौर सावधानी लोग unknown numbers के कॉल नहीं उठाते ।

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