आज का चिंतन #263


आज का चिंतन #263

लेखा जोखा…

आज वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन प्रयास रहता है कि सभी का लेना देना पूरा कर लें ताकि लाभ हानि की सही स्थिति सामने आ जाए।
नये वित्तीय वर्ष में व्यापार की कहानी का नए सिरे से प्रारंभ होगा।

प्रतिदिन जीवन…
जीवन में कर्मों का हिसाब प्रतिक्षण हो रहा है इसलिए यहां वर्ष की बजाय सोच कार्य और व्यवहार का प्रतिदिन का हिसाब किताब करना ठीक माना जाता है। हम प्रतिदिन यह जांच कर लें कि आज हमने क्या कमाया है और क्या गंवाया है।

हर दिन नई शुरुआत
हर सुबह एक नया जीवन लेकर आती है और इसीलिए हर दिन को नए रूप में लेकर, नई शुरुआत के साथ आगे बढ़ना चाहिए। कोई पूर्वाग्रह और डर ना रहे, भरपूर उमंग, उत्साह और ऊर्जा रहे, इसी से दिन की सफलता सिद्ध हो सकती है।

क्या करें…
बीती ताहि बिसार दे
और आगे की सुधि ले..
वर्तमान क्षण को जीना,
बगैर अपेक्षा और किसी मोह के,
अपना सर्वश्रेष्ठ देना, यही अभीष्ट होता है।

संजय अग्रवाल
9406717823
संपर्क संवाद सृजन
सोमवार 31 मार्च 2025
नागपुर

One response to “आज का चिंतन #263”

  1. Shruti manglaa Avatar
    Shruti manglaa

    बहुत सार्थक सकारात्मक सोच 👌👌🙏🙏 वित्तीय लेखा-जोखा के माध्यम से जीवन को एक प्यारी सीख देता चिंतन एवं समझाइश।🙏🙏हमें अपनी सोच एवं प्रयासों के प्रति सदैव इमानदार रहकर कुछ भी करने में न भूत का अफसोस और न भविष्य की चिंता के अवरोधों के स्वरूप को सोच परेशान होना है, बल्कि हर क्षण,एक नयी सीख लेते हुए हमें अगले पड़ाव के लिए एकाग्रता के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देते हुए आगे बढ़ना चाहिए।व्यापारिक मुद्दों का आकलन सामुहिक,वार्षिक वांछनीय है,हम अपने प्रयासों को श्रेष्ठ बना अपना सर्वश्रेष्ठ हर पल कम से कम स्वयं को तो दे ही सकते हैं।हर *प्रयत्न* अपने आप में एक *रत्न* है,जो हमारे व्यक्तित्व को हर बार अलग रूप में *अलंकृत* करता है ।🙏🙏🙏🙏हर पल कुछ नया करने एवं सीखते रहने के ध्येय से हम अपनी बुनियाद को हमेशा मजबूती प्रदान कर इरादों को प्रबलता प्रदान कर सकते हैं। आवश्यक है,नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रभावों से दरकिनार कर अपने लक्ष्यों के प्रति इमानदार रहते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान।🙏🙏🙏🙏

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