आज का चिंतन
Daily blogs for everyday musings
-
आज का चिंतन #300 संबंध…अनिवार्य प्राकृतिक संबंध जैसे पारिवारिक अर्थात माता-पिता पति-पत्नी बच्चे रिश्तेदार, ऑफिस में सहकर्मी, उच्च अधिकारी इत्यादि, समाज में पड़ोसी इत्यादि, इनको निभाने की मर्यादाएं प्रचलित हैं, परिभाषित हैं। मन के संबंध…जो संबंध वर्जनाओं से मुक्त होते हैं, वही मन के संबंध होते हैं और सबसे अधिक सरल, सहज, निर्मल और परस्पर…
-
आज का चिंतन #299 करो और जानो… किसी बेरोजगार युवा से चर्चा करते समय विषय आया कि कुछ करना चाहिए। ध्यान में आया कि जब हम लोगों से खुलकर बातचीत करते हैं तब हमें उनकी परेशानियां का, समस्याओं का पता चलता है और फिर उसके समाधान के लिए, उपाय के लिए, हम अपनी योग्यता और…
-
आज का चिंतन #298 करोड़पति नहीं हजारपति… यदि कोई अमीर होता है तो कहते हैं कि वह करोड़पति है। धन, समृद्धि का पैमाना माना जाता है। दूसरी और किसी भी विधा में श्रेष्ठता का आकलन इस बात से होता है कि आपने उस विधा में कितने सौ या हजार घंटे दिए हैं, लगाए हैं। महारत…यदि…
-
आज का चिंतन #297 नए विचार… निरंतर… प्रतिदिन हमें हजारों विचार आते हैं और चले जाते हैं। विचारणीय यह है कि हम उनमें से कितनों पर कार्य करते हैं, कितनों को सहेज कर रख पाते हैं। विचार और कार्य…जिस विचार पर कार्य किया जा सके, वही विचार महत्वपूर्ण और सार्थक होता है अन्यथा व्यर्थ के…
-
आज का चिंतन #296 कारण.. समय बीतने के बाद… यदि किसी को कोई काम दिया और वह उस काम को नहीं कर पाया और उसने बताया भी नहीं और समय बीत गया और बाद में पूछने पर यदि उसने काम नहीं होने का कोई भी कारण बताया तो अब इस बताने का कोई महत्व नहीं…
-
आज का चिंतन #295 वो अपने आप में गुम है… जिसे भी देखिए, वो अपने आप में गुम है…जुबां मिली है मगर हमजुबां नहीं मिलता…किसी गजल का यह शेर पढ़ा तो लगा कि यही आज की सच्चाई है। आज जब सबके हाथ में मोबाइल है और सारे काम मोबाइल पर हो रहे हैं तो यह…
-
आज का चिंतन #294 समाधान ढूंढते हैं… ऑफिस में या सामाजिक जीवन में लोग बतलाते रहते हैं कि समस्याएं बहुत हैंया फिर कि काम क्यों नहीं हो रहा है, उसके कई सारे कारण बताने लगते हैंलेकिन वह इस विषय पर बात नहीं करना चाहते कि काम कैसे हो सकता है याउपाय कैसे निकल सकता हैऔर…
-
आज का चिंतन #293 दो घर की देहरी… घर से जिम या पार्क, बाद में कार्यस्थल, बाजार और वापस घर, बस प्रतिदिन इतना ही जाना आना रह गया है। मिलने जुलने के लिए किसी के घर जाना न्यूनतम हो गया है। वर्ष भर में कितने ऐसे दिन होते हैं जब हम अपने घर के अलावा…
-
आज का चिंतन #292 उपाय क्या है… दैनिक जीवन में बहुत सी समस्याएं आती है, विपरीत परिस्थितियों से जूझना पड़ता है, अवांछित घटनाएं होती हैं, अप्रिय व्यवहार के प्रसंग होते हैं, मन विचलित होता है तो ऐसे में परेशान या निराश होने की बजाय हमें सोचना चाहिए कि उपाय क्या है… हमारे नियंत्रण में…जो कुछ…
-
आज का चिंतन #291 जीरो मेमोरी… अच्छी याददाश्त होना एक विशेष गुण होता है, लेकिन क्या सभी बातें याद रखी जा सकती हैं, क्या सभी बातों का याद रखा जाना आवश्यक है? भूल जाना…भूल जाना भी एक विशेष गुण होता हैदिमाग में याद रखने की अपनी सीमा हैऐसे में जब तक पुराना भूलेंगे नहींतब तक…