आज का चिंतन # 327
निष्कर्ष तक पहुंचाना..
किसी भी कार्य को निष्कर्ष तक पहुंचाने की अटूट इच्छा और अथक प्रयास, हमें सफल बनाते हैं, श्रेष्ठ बनाते हैं। हम अपना सर्वोत्तम प्रयास करें, अपना सर्वश्रेष्ठ दें, तब ही हमें संतोष मिल सकता है। कार्य को अधूरा छोड़ देना या रूकावटों को पार करने का संपूर्ण प्रयास नहीं करना, कमजोरी की निशानी है।
स्वामित्व..
किसी भी कार्य के प्रति उत्तरदायित्व का भाव, स्वामित्व अर्थात ओनरशिप को दर्शाता है। नौकर बहाने बना सकता है लेकिन मालिक नहीं, और यही नजरिया या दृष्टिकोण अंतर बतला देता है।
कार्य की पूर्णता..
किसी भी बड़े कार्य में हमारी भूमिका के अलावा अन्य लोगों की भूमिका भी होती है। हम न केवल अपना कार्य पूरा करें बल्कि वह कार्य आगे भी होता जाए, इसके लिए भी हमारी सोच और यथासंभव प्रयास होने चाहिए।
क्या करें..
कार्य करने में अपनी ओर से कतई कोई कमी न रहने दें; समस्या या रूकावटों के समाधान, उपाय खोजें, पूछें; कार्य की पूर्णता के लिए अपना सर्वस्व देने से पीछे ना हटें, यही अभीष्ट होता है।
संजय अग्रवाल
संपर्क संवाद सृजन समाधान
9406717823
शनिवार 6 दिसंबर 2025
नागपुर
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