आज का चिंतन 324

आज का चिंतन # 324

पहले मैं..

लखनऊ के नवाबों का किस्सा है कि पहले आप, पहले आप.. करते करते गाड़ी छूट गई।
एक कहावत यह भी है कि माल उसी का होता है जो पहले हाथ बढ़ा कर उठा लेता है।
पहल करने वाला फायदे में रहता है। उसे तसल्ली रहती है कि उसने मौका नहीं गंवाया। अंग्रेजी में भी कहावत भी है कि फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व।

संवाद में पहल..
कई रिश्ते बन नहीं पाते या कई रिश्ते टूट जाते हैं, मात्र इस सोच, जिद या अहंकार से कि बातचीत में पहल वह करे। सदैव पवित्र और सहज भाव से, संवाद अपनी ओर से प्रारंभ करें और यथोचित निरंतरता बनाए रखें, परिणाम संतोषजनक रहेंगे।

मैंने सोचा, मुझे लगा..
व्यावहारिक तौर पर यह एक गंभीर विकार या कमी होती है कि हम मन में कुछ अनुमान कर लेते हैं और बात नहीं कर पाते। बाद में नुकसान होने पर पछताते हैं कि मैंने समय रहते पूछ क्यों नहीं लिया या बात क्यों नहीं कर ली।

क्या करें..
किसी भी कार्य या बातचीत को प्रारंभ करने में संकोच न करें। प्रतीक्षा में समय व्यर्थ ना करें और खुले मन से, पूरे विश्वास से और भरपूर आशा के साथ अपने कार्य या संवाद को प्रारंभ करें, यही अभीष्ट होता है।

संजय अग्रवाल
संपर्क संवाद सृजन समाधान
9406717823
मंगलवार 2 दिसंबर 2025
नागपुर

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