आज का चिंतन # 321
हर समस्या का समाधान…
गणित में बताया जाता है कि हर समस्या का कोई न कोई हल अवश्य होता है। समीकरण के हल अद्वितीय अर्थात यूनिक, एकाधिक अर्थात एक से ज्यादा या अनंत अर्थात इंफाईनाइट हो सकते हैं लेकिन कोई भी हल ना हो, ऐसा नहीं होता। इसी प्रकार जीवन में हर समस्या का कोई ना कोई समाधान निकल ही सकता है और यदि कुछ भी समाधान समझ में नहीं आ रहा है तो उसको समय के ऊपर छोड़ देना चाहिए क्योंकि यही अंतिम विकल्प होता है और अंतत समय सब कुछ बतला देता है।
दृष्टिकोण..
कई समस्याएं तो केवल गलत दृष्टिकोण के कारण होती हैं और यदि अपनी सोच में, दृष्टिकोण में उचित बदलाव लाया जाए तो समस्याएं गौण हो जाती हैं, अस्तित्वहीन हो जाती हैं। प्रकृति के नियमों की अज्ञानता, मानव स्वभाव में स्वाभाविक भिन्नता की अस्वीकार्यता, दूसरों से अपेक्षा रखना और उन अपेक्षाओं का पूरा न होना अधिकांश मानसिक समस्याओं का मूल कारण होता है।
विचार और प्रयास, कार्य और संबंध
सही दिशा में प्रयास करने के लिए सही विचारों का होना आवश्यक और अनिवार्य होता है।
कार्य करते समय समस्याओं के समाधान प्रयास के द्वारा मिल ही जाते हैं।
संबंधों में समस्या का उपाय इसी समझ में निहित होता है कि हमारा स्वयं पर नियंत्रण शत प्रतिशत होता है और दूसरे पर हमारा नियंत्रण शून्य होता है।
और इसीलिए उचित होता है कि हम अपनी ओर से भरपूर प्रयास करें और शेष ईश्वर पर, प्रकृति पर, समय पर छोड़ दें।
क्या करें…
स्वयं पर पूरा विश्वास रखें, विचारों और व्यवहार में स्पष्टता रखें, और जो हमारे नियंत्रण से परे है उस पर समय और ऊर्जा व्यर्थ न करें, यही अभीष्ट होता है।
संजय अग्रवाल
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9406717823
बुधवार 26 नवंबर 2025
नागपुर
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