आज का चिंतन 313

आज का चिंतन # 313

काम दो तरह के …

एक काम वह होता है जिससे केवल हम प्रभावित होते हैं और दूसरा वह काम, जिससे दूसरे भी प्रभावित होते हैं। हमारे निजी कार्यों में कुछ ऊंच नीच हो जाए तो नफा नुकसान केवल हमारा ही है लेकिन यदि दूसरे से संबंधित काम में कुछ लापरवाही, गलती, गड़बड़ इत्यादि हो जाए तो हमें उसकी नाराजगी झेलनी पड़ सकती है और ज्यादा गड़बड़ होने पर मनमुटाव, लड़ाई हो सकती है और यहां तक कि संबंध भी खराब हो सकते हैं।

प्राथमिकता…
दूसरों से संबंधित कार्य में हमें बहुत सजगता रखनी होती है और उस कार्य को प्राथमिकता देनी होती है
क्योंकि यदि वह काम हो जाए तो दो दिमागों में शांति आती है और यदि न हो तो दोनों के लिए अशांति, असंतोष, बेचैनी इत्यादि बनी रहती है या फिर हम लापरवाह अथवा गैर जिम्मेदार की श्रेणी में आ जाते हैं।

संतुष्टि..
हम अपनी ओर से कितना भी अच्छा कार्य करें लेकिन उस कार्य से यदि सामने वाले को संतुष्टि नहीं मिली है या वह कार्य पर्याप्त रूप से अपेक्षित स्तर का नहीं है तो हमें यथासंभव और बेहतर प्रयास करने होते हैं।

स्पष्टता…
यदि हम कोई कार्य नहीं कर पा रहे हैं या अपेक्षित स्तर से नहीं कर पा रहे हैं तो हमें यह बात स्पष्ट रूप से सामने वाले से कह देना चाहिए। कार्य को लेकर दोनों को समान रूप से स्पष्टता हो, यही अभीष्ट होता है।

संजय अग्रवाल
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9406717823
मंगलवार 23 सितंबर 2025
Dawki Meghalaya

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