आज का चिंतन #309
दिल है छोटा सा…
एक गीत की पंक्तियां है दिल है छोटा सा छोटी सी आशा…
कहा जाता है कि उम्मीद पर दुनिया कायम है
जब तक सांस है तब तक आस है
कुछ अच्छा हो जाए, कुछ मनचाहा हो जाए, इसकी आशा हमेशा मन में रहती है। यह होना ईश्वर के, प्रकृति के हाथों में होता है। हम प्रयास मात्र ही कर सकते हैं परिणाम पर हमारा कोई वश नहीं।
आशा है…
आशा है कि काम बन जाएगा
परिणाम अच्छा आएगा
यह रिश्ता तय हो जाएगा
वह मान जाएगा इत्यादि
कुछ अच्छा होने की आशा होती है
और कुछ बुरा ना हो जाए
इसकी आशंका होती है, डर लगता है।
कर्म हम सभी करते हैं और आशा हमेशा कुछ अच्छा होने की ही होती है।
अपेक्षा…
अपेक्षा हमें हमेशा दूसरों से होती है
या तो प्रतिफल के रूप में यदि हमने उसके लिए कुछ किया है तो
या उसके कर्तव्य के रूप में कि उसे तो ऐसा करना ही चाहिए। अपेक्षा पूरी नहीं होती तो दुख होता है, क्रोध आता है, व्यवहार में बदलाव आता है।
क्या करें…
हर कार्य में अपना सर्वश्रेष्ठ दें,
अपना दायित्व निभाएं और प्रसन्न रहें,
किसी से उस स्तर की अपेक्षा न रखें जिसके पूरा न होने पर दुख उत्पन्न होता हो,
अपने संपूर्ण प्रयास के बाद संतुष्टि का अनुभव करें और नए कार्य में, नए प्रयासों में स्वयं को निरंतर संलग्न रखें, यही अभीष्ट होता है।
संजय अग्रवाल
संपर्क संवाद सृजन समाधान
9406717823
गुरुवार 11 सितंबर 2025
नागपुर
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