आज का चिंतन 303

आज का चिंतन #303

तोरा मन दर्पण कहलाए..

तोरा मन दर्पण कहलाए
भले बुरे सारे कर्मों को, देखे और दिखाए।
सही बात है कि मन से कुछ छुपा नहीं है।
और मन ज्यों का त्यों, सब कुछ दिखा देता है।
मन से कुछ छुपाया नहीं जा सकता और झुठलाया भी नहीं जा सकता

सही गलत…
जब भी हम कुछ करते हैं तो मन पहले ही बता देता है कि क्या सही है और क्या गलत और यही हमारी अंतरात्मा की आवाज होती है। अब यह चुनाव हमारा होता है कि हम क्या करें और क्या ना करें। हमारे निर्णय ही हमारा भविष्य तय करते हैं।

सजगता…
हम सदैव इतने सजग अवश्य रहें कि हम कुछ भी करें लेकिन बाद में हमें पछतावा ना हो कि हमने ऐसा क्यों किया या हम ऐसा कर लेते इत्यादि। हम जो कुछ भी करते हैं, उसका पूरा उत्तरदायित्व हमारा स्वयं का होता है और इसके लिए किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि ऐसा करना स्वयं को धोखा देना ही कहलाता है।

क्या करें…
पूरे आत्मविश्वास, स्पष्टता और आत्मबल के साथ निर्णय लें, कार्य करें, इस के परिणाम से जो भी अनुभव प्राप्त हों उसके आधार पर पुनः निर्णय लें, पुनः प्रयास करें और पुनः अनुभव प्राप्त करें, यही जीवन का क्रम है।

संजय अग्रवाल
संपर्क संवाद सृजन समाधान
9406717823
सोमवार 21 जुलाई 2025
नागपुर

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