आज का चिंतन 299

आज का चिंतन #299

करो और जानो…

किसी बेरोजगार युवा से चर्चा करते समय विषय आया कि कुछ करना चाहिए। ध्यान में आया कि जब हम लोगों से खुलकर बातचीत करते हैं तब हमें उनकी परेशानियां का, समस्याओं का पता चलता है और फिर उसके समाधान के लिए, उपाय के लिए, हम अपनी योग्यता और क्षमता के अनुसार कुछ ना कुछ प्रयास तो अवश्य ही कर सकते हैं तो हमें वही करना भी चाहिए।
समाधान और सहायता की इस प्रक्रिया में कई बार स्वाभाविक रूप से कोई नया बिजनेस मॉडल डेवलप हो जाता है। स्किल डेवलपमेंट का यह निश्चित रूप से एक बेहतरीन मॉडल है। Communication skill में पारंगत होने के लिए इससे श्रेष्ठ कोई अन्य विधि कदाचित ही हो।

कुछ जानिए…
यद्यपि अपनी जानकारी बढ़ाने के लिए आज इंटरनेट, सोशल मीडिया और ढेर सारे प्लेटफार्म और अन्य व्यवस्थाएं मौजूद हैं लेकिन व्यक्तियों से प्रत्यक्ष बातचीत करके जो जानकारी मिलती है वह अद्भुत और अप्रतिम होती है। बातचीत यदि प्रत्यक्ष संभव न हो तो फोन पर अवश्य ही करना चाहिए। व्यक्तिगत संपर्क और संवाद, जीवन में आगे आने वाले समय में सदैव सहज रूप से संभव, उपलब्ध और लाभप्रद होता है। किसी भी जिज्ञासा या परेशानी के बारे में लोगों से चर्चा करने पर हमें नवीन जानकारी, दिशा मिलती है और हल, समाधान अवश्य ही प्राप्त होते हैं।

एक श्रृंखला…
यदि हमारे पास में समय उपलब्ध है तो प्रतिदिन 2-4 घंटे करो और जानो के लिए अवश्य ही दिए जा सकते हैं। यह एक निरंतर चलने वाली श्रृंखला है और इसके लाभ का अनुभव, प्रयोग और प्रयास के नवाचार के द्वारा किया जा सकता है और यह एक अनुभूत सत्य है। करने और जानने की प्रक्रिया में हमारा उत्साह कभी कम न हो, यही अभीष्ट होता है।

संजय अग्रवाल
9406717823
संपर्क संवाद सृजन समाधान
शनिवार 12 जुलाई 2025

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