आज का चिंतन #296
कारण.. समय बीतने के बाद…
यदि किसी को कोई काम दिया और वह उस काम को नहीं कर पाया और उसने बताया भी नहीं और समय बीत गया और बाद में पूछने पर यदि उसने काम नहीं होने का कोई भी कारण बताया तो अब इस बताने का कोई महत्व नहीं रह जाता है । यदि कुछ बताना था तो पहले ही बताना था। समय बीत जाने के बाद बताना सिर्फ बहानेबाजी या कहानी ही मानी जाती है।
समय से सूचना..
कोई भी सूचना समय से दी जाए तभी उसका महत्व है। इसीलिए समय-समय पर अपडेट देना जरूरी होता है। समय गुजर जाने के बाद दी गई सूचना निरर्थक ही कहलाती है।
विश्वसनीयता की पहचान..
सामान्यतया विश्वसनीयता की पहचान इसी बात से होती है कि कौन कितनी जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभा रहा है समय-समय पर अवगत करा रहा है। उचित समय पर बताने में चूक जाने से कई बार बहुत बड़े नुकसान हो जाते हैं।
क्या करें..
जो भी काम दिया गया है उसके बारे में, उचित समय पर, प्रगति और वस्तुस्थिति की, पूरी सूचना देना एक अनिवार्य कर्तव्य होता है और इसमें हमारी ओर से कभी कोई चूक, अपूर्णता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए, यही अभीष्ट होता है।
संजय अग्रवाल
9406717823
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रविवार 6 जून 2025
Nagpur
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