आज का चिंतन 279

आज का चिंतन #279

पासवर्ड बदलिए…

कंप्यूटर में ऑनलाइन में जहां भी हमारा खाता होता है वहां यह व्यवस्था होती है कि एक नियमित अंतराल के उपरांत पासवर्ड बदलना अनिवार्य होता है। पासवर्ड बदला जाना हमारी जानकारी की निजता की सुरक्षा के लिए होता है।
मानवीय संबंधों में भी धारणा रूपी पासवर्ड का समय-समय पर बदला जाना आवश्यक होता है। एक बार यदि किसी के प्रति गलत धारणा बन गई, तो वह हमेशा वैसी ही नहीं बनी रहना चाहिए, क्योंकि समय के साथ व्यक्ति की परिपक्वता, उसके विचार, व्यवहार और आचरण में भी निरंतर बदलाव आता है, देखने को मिलता भी है और तदनुसार हमारी धारणा में भी बदलाव आना चाहिए। और यदि यह बदलाव नहीं आता है तो गलत धारणा के कारण आपसी संबंधों में सुधार भी नहीं होता है और हम संबंधों की मधुरता से अनावश्यक रूप से वंचित हो जाते हैं।

बीती ताहि बिसार दे…
जो बीत गया सो बीत गया
हर दिन एक नया जीवन है और हर क्षण एक नया अवसर है। बीते हुए समय की खराब यादों का बोझ दिमाग को हैरान और दिल को परेशान करता है। नवीन उत्साह के साथ व्यवहार करना, और समाधानमूलक होना, हमें ऊर्जा और शक्ति प्रदान करता है और संबंधों में नए आयाम स्पर्श कराता है।

क्या करें…
रिश्तों की बगिया से खराब यादों और बातों की खरपतवार को निकालते रहें, उसमें अच्छी स्मृतियां और जीवंत क्षणों के पौधे रोपें, खुशियों के फूलों की सुगंध लें और सहयोग तथा सहकार के फलों का सेवन करें। यही अभीष्ट होता है।

संजय अग्रवाल
9406717823
संपर्क संवाद सृजन समाधान
18 मई रविवार 2025
नागपुर

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