आज का चिंतन #277

आज का चिंतन #277

प्रसन्नता का उत्सव…

सुख और दुख हमारे जीवन में धूप और छांव की तरह आते जाते रहते हैं। खुशी के क्षण गुजर जाते हैं और हम उनको महत्व नहीं देते, लेकिन दुख की बातों पर विचार और चर्चा, अनावश्यक रूप से हम करते रहते हैं। परिणाम स्वरुप जीवन में दुख ज्यादा दिखता है और सुख कम जबकि सच्चाई यह है कि जीवन में सुख ज्यादा है और दुख कम।

उत्सव
उत्सव मनाने का उद्देश्य होता है कि मन में प्रसन्नता का उदय हो। यह कितना अच्छा हो कि मन में जब भी प्रसन्नता का भाव हो, तब उसी समय उस का उत्सव मना लिया जाए।

क्या करें…
दिन भर में जितने भी सकारात्मक, उत्साह, ऊर्जा और प्रसन्नता के क्षण आते हैं उनको गहराई से महसूस करें, लोगों में यथासंभव साझा करें, बांटे और जीवन को खुशहाल और वातावरण को खुशनुमा बनाएं
यही समाधान है यही अभीष्ट है।

संजय अग्रवाल
9406717823
संपर्क संवाद सृजन समाधान
सोमवार 12 मई 2025
भोपाल

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