शेयर कर दो…
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आज का चिंतन #273
*शेयर कर दो…*
बांटने से दुख आधा होता है और सुख दुगना होता है। कई मामलों में हम आत्मनिर्भर होते हैं लेकिन अधिकतर मामलों में हम परस्पर निर्भर होते हैं। मन में यदि कुछ भरा हुआ है तो उसे खाली कर देना ही अच्छा होता है।
*हल्के हो जाओ…*
व्यवहार में जितनी भी चिडचिडाहट, झल्लाहट, तल्खी, तनाव इत्यादि दिखाई देता है उसका मूल में सही सोच और सही दृष्टिकोण का अभाव ही होता है। कोई हमें तब तक दुखी नहीं कर सकता जब तक हम स्वयं ना चाहें।
*अभिव्यक्ति*
ईमानदारी, पारदर्शिता और सच्चाई से अपने आप को संपूर्ण रूप से व्यक्त कर देना ही हमें हल्का बना सकता है। स्वयं को अभिव्यक्त करते समय कुछ भी बचाना नहीं है अन्यथा वह बाद में कष्टदाई हो सकता है।
*व्यापकता*
हमारी स्वयं की अधिकतम सोच,
संपूर्णता से सदैव कम ही होती है और इसी कमी को पूरा करने के लिए शेयर करने से हमें व्यापक दृष्टिकोण, संभावनाओं का पता चलता है, समाधान की दिशा मिलती है और यही वांछित होता है, अभीष्ट होता है।
संजय अग्रवाल
9406717823
*संपर्क संवाद सृजन समाधान*
रविवार 4 मई 2025
भोपाल
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