आज का चिंतन #272

संग्रहालय

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आज का चिंतन #272

*संग्रहालय…*

वस्तुओं किताबें इत्यादि को संग्रहालय में संभाल कर रखा जाता है और उन्हें प्रदर्शित किया जाता है कि लोग उन्हें देखकर, पढ़कर जानें, सीखें और प्रेरणा प्राप्त करें।
हम अपने घर, दिमाग और कंप्यूटर आदि उपकरणों में भी वस्तुओं और जानकारी का संग्रह करके रखते हैं ताकि बाद में उनका सदुपयोग किया जा सके। किंतु होता यह है कि आवश्यक से कहीं बहुत ज्यादा अनावश्यक सामान, जानकारी इकट्ठा हो जाती है जो सुविधा से ज्यादा व्यवधान ही उत्पन्न करती है।

*कीमत..*
भौतिक वस्तुओं के रखरखाव की कीमत धन, श्रम के रूप में होती है लेकिन अनावश्यक जानकारी और विचारों के रखरखाव की कीमत भारीपन, तनाव, भटकाव इत्यादि के रूप में होती है।

*क्या करें…*
स्वयं को अनावश्यक विचारों और जानकारी से दूर रखें, कुछ पाने की चिंता कुछ खोने के डर से स्वयं को बचाए रखें, वर्तमान क्षण को ही संपूर्णता में जीएं और आनंद की स्थिति में रहें, यही आवश्यक, महत्वपूर्ण और अभीष्ट होता है।

संजय अग्रवाल
9406717823
*संपर्क संवाद सृजन*
शनिवार 3 मई 2025
भोपाल


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