आज का चिंतन #266 आवाज की दुनिया के दोस्तों…


आज का चिंतन #266

आवाज की दुनिया के दोस्तों…

व्हाट्सएप के द्वारा और लोगों से प्राप्त संदर्भों के माध्यम से, नए-नए लोगों से बातचीत हुई और दूरसंचार पर इस तरह से लोगों से एक अनोखा संबंध स्थापित हुआ और इनको कहा गया आवाज की दुनिया के दोस्तों…

संकोच..
ज्यादातर यह देखा और सुना गया है कि लोग परिचितों से और अपरिचितों से भी, बातचीत करने में संकोच करते हैं कि दूसरा कहीं व्यस्त तो नहीं होगा, हमारे बारे में न जाने क्या सोचेगा इत्यादि। किंतु अनुभव से यह पाया है कि यह पूरी तरह सत्य नहीं है केवल कभी कभार ही ऐसा होता है अन्यथा अधिकतर तो सामने वाला आपकी आवाज सुनकर, आपसे बातचीत करके आनंदित होता है, अपने विचार और अनुभवों को साझा करके प्रसन्न होता है।

कर के देखो…
हमारा जीवन विचार, समझ, प्रयास, प्रयोग, अनुभव, निष्कर्ष और सुधार प्रक्रिया की एक निरंतर यात्रा ही तो है।
क्यों डरें कि क्या होगा,
कुछ ना होगा तो तजुर्बा होगा..
संपर्क और संवाद का कोई भी अवसर नहीं छोड़ें, अपनी ओर से शुरुआत करें, आगे बढ़ें और बढ़ते रहें, यही आज के समय में अभीष्ट हो गया है।

संजय अग्रवाल
9406717823
संपर्क संवाद सृजन
शुक्रवार 11 अप्रैल 2025
नागपुर

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